Vidur Niti : आपने महाभारत काल के वीर और प्रताप भी धनूर धारियों के बारे में तो सुना ही होगा गधा धारियों के बारे में सुना ही होगा लेकिन क्या आपने बुद्धिमत्ता से भरे हुए महान और ज्ञानी विदुर जी के बारे में सुना है अगर नहीं तो आइए जानते हैं इस महान और बुद्धिमान महात्मा के बारे में, नीति ज्ञातओं में शुमार थे।

महात्मा विदुर महर्षि वेदव्यास के पुत्र थे इसके साथ ही धृतराष्ट्र और पांडु के भाई भी थे। अब आप सोच रहे होंगे कि अगर वह इतने ही बुद्धिमान और इमानदार आज कुमार थे तो आखिर वह क्यों नहीं हस्तिनापुर की राजगद्दी पर बैठ पाए? लेकिन दासी पुत्र होने की वजह से उन्हें राजा बनाया गया।

विदुर ने अपने नीतियों में कई ऐसी बातों का उल्लेख किया है जो मनुष्य के जीवन मैं अपना लिया जाए तो सफलता उसके कदम चूमती है। महात्मा विदुर कहते हैं कि कुछ चीजें इंसान की लाइफ और उसकी आत्मा का नाश कर देती है। उनके अनुसार मनुष्य को कभी भी लोभ करने से बचना चाहिए क्योंकि लालच बुरी बला होती है और जो भी इसके चंगुल में फंसता है उसका जीवन बर्बाद हो जाता है।

वहीं क्रोध और कामवासना के चक्कर में पड़ने वाले व्यक्ति खुद पर अपना नियंत्रण खो देता है और कुछ ऐसा कर बैठता है जिसकी वजह से उसे पछताने के अलावा कुछ नहीं मिलता।