Vastu Tips: सनातन धर्म में दिवाली का विशेष महत्व है, दिवाली का त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या को धूम-धाम से मनाया जाता है। दिवाली की शुरुआत धनतेरस से मानी जाती है और ऐसे में घर की साफ-सफाई का विशेष महत्व होता है। दीपों के त्योहार पर ऐसा माना जाता है की साफ-सफाई वाली जगह पर मां लक्ष्मी और कुबेर देवता का वास होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की सफ़ाई में इन हिस्सों का खास ध्यान देना चाहिए और बिल्कुल भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए।

घर में ईशान कोण का बहुत महत्व होता है यह वो स्थान हैं जहां घर का किचन और पूजा घर बनाया जाता है। दिवाली की सफाई में इस हिस्से की अच्छे से साफ-सफाई करनी चाहिए। इस स्थान पर देवताओं का वास होता है।

इसके अलावा घर के ईशान कोण में कोई भी अनावश्यक सामग्री न रखें। यह स्थान जितना साफ और जितना खाली रहता है उतना ही मां लक्ष्‍मी और भगवान कुबेर की कृपा बनी रहती है।

-वास्तु शास्त्र के अनुसार, ईशान कोण के अलावा घर का ब्रह्म स्थान भी विशेष रूप से साफ रखना चाहिए। यह घर के बीचों-बीच का हिस्सा होता है इसे हमेशा हवादार और खुला रखना चाहिए।

-घर की सुख-समृद्धि के लिए दिवाली की सफाई में पूर्व दिशा भी अच्छे से साफ करें यहाँ से सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। साथ ही धनतेरस और दिवाली के दिन सुबह के समय ही पूर्व दिशा को साफ कर लें।