Shani Margi 2022: न्याय के देवता यानी शनि महाराज वैसे तो अभी वक्री अवस्था में हैं लेकिन 23 अक्टूबर 2022 को मार्गी अवस्था में आ अजाएंगे। ऐसे में शनिदेव के राशि बदलने से लेकर वक्री-मार्गी होने तक कई राशियों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। शनि देव जुलाई के महीने में वक्री हुए थे, अब अक्टूबर में मार्गी हो जाएंगे। शनि को दुख, आयु, और तकनीकी का कारक माना जाता है। शनि महाराज की दशा साढ़े सात साल की होती है। जिसे वजह से शनि की साढ़े साती कहा जाता है।

आपको बता दें, शनि के वक्री होने का अर्थ है विपरीत दिशा में चलना वहीं शनि का मार्गी होने का अर्थ है शनि का सीधी दिशा में चलना। इन दिनों मिथुन और तुला राशि के जातकों पर शनि ढैय्या चल रही है। अब सब जानते हैं, शनि के मार्गी होने से शनि ढैया और साढ़ेसाती का क्या प्रभाव पड़ेगा।

शनि के मार्गी होने से मिथुन और तुला राशि के जातकों को मिलेजुले परिणाम मिलेंगे। आपको बता दें, कुंभ, धनु व मकर राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेलाती चल रही है। ऐसे में इन राशियों के जातकों पर शनि के गार्गी होने से लाभ मिलेगा। वहीं 23 अक्टूबर से इन राशि वालों को समस्याओं से राहत मिलेगी।