Sawan Pradosh Vrat 2022 : सावन के महीने को सबसे पवित्र माह माना जाता है। ये माह भगवान शिव को समर्पित होता है, जिसमें भोलेनाथ की विधि- विधान से पूजा की जाती है। हिंदू पंचाग के अनुसार, हर माह में दो बार प्रदोष व्रत जरूर होता। एक कृष्ण पक्ष में पड़ता है और वहीं एक शुक्ल पक्ष में होता है। इस हिसाब से कुल मिलाकर साल में 24 प्रदोष व्रत पड़ जाते है। प्रदोष व्रत को लेकर कहा जाता है कि ये उपवास भी भोले शंकर के लिए ही रखा जाता है। कहा जाता हैै कि प्रदोष व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है। तो चलिेए जानते हैं इसकी तिथि और पूजा के बारे में-

25 जुलाई को शाम 04:15 बजकर से 26 जुलाई को शाम 06:46 तक समाप्त होगा। सबसे खास बात यह है कि 25 जुलाई यानी जिस दिन प्रदोष शुरू हो रहा है उस दिन सोमवार है, इसलिए इस प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा।

वहीं, शुक्ल पक्ष में पड़ने वाला प्रदोष व्रत 9 अगस्त को है। 9 अगस्त को मंगलवार है, इसलिए इस प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा। वहीं, मुहुर्त 09 अगस्त को 05:45 PM से प्रारम्भ होकर 10 अगस्त 02:15 PM तक समाप्त होगा और प्रदोष काल 07:06 PM से शुरू होगा और 09:14 PM तक खत्म हो जाएगा।