Rajon Ki Baoli: राजधानी दिल्ली में करीब 12 बावलियां हैं जिसमें हर एक बावली का अलग इतिहास है और एक खास कहानी। बरसात होने के बावजूद जहां लगभग सभी बावलियों में पानी हैं वहीं दो बावलियों ऐसी भी हैं जहां पानी नहीं है। इसपर ध्यान देते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) ने काफी सालों बाद उसका संरक्षण कार्य कराने पर विचार किया है।

दक्षिण दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित दो बावलियाें (राजों की बावली और गंधक की बावली ) में पानी न होने के चलते अब इनका संरक्षण कार्य कराया गया है। जबकि बाकीं बावलियों की भी जल्द सुध ली जाएगी। इल्तुतमिश के शासन काल में बनी गंधक की बावली मे से गंधक जैसी गंध आने की वजह से इसका नाम ही गंधक की बावली पड़ गया। महरौली स्थित इस बावली के बारे में कहा जाता है की इसके पानी में नहाने से किसी भी प्रकार की स्किन डीसीज हो तो वो ठीक हो जाती है।

आपको बता दें, ये हैं दिल्ली की वो 12 बावलियां जो काफी मशहूर है:-गंधक की बावली महरौली, उग्रसेन की बावली, राजों की बावली महरौली, बावली तुगलकाबाद किला, बावली तुगलकाबाद पैलेस एरिया, बावली निजामुद्दीन की दरगाह-वजीराबाद का गुंबद बावली, आर के पुरम बावली, अरब की सराय बावली लालकिला, बावली काेटला फिराेज शाह, बावली पुराना किला, बावली पीर गायब, बाड़ा हिन्दूराव।