Pitru Paksh 2022: पूर्वजों को याद कर पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध आदि कर्म करने के लिए पितृ पक्ष आज से शुरू हो गए हैं। हिन्दू धर्म में ये महिना बेहद महत्व रखता है। मान्यता के अनुसार, 16 दिनों तक चलने वाले पितृपक्ष में कई सारी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। इस दौरान घर में विशेष साफ-सफाई, शांत माहौल रखना चाहिए। इसके अलावा हम बता रहे हैं खाने-पीने में किस तरह की सावधानी रखनी चाहिए और पितरों के पास कैसे पहुँचती है चढ़ाई गई चीजें।

शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान घर में झूठा या बासी खाना नहीं रखना चाहिए, पक्षियों की सेवा करनी चाहिए। खाने पीने की बात करें तो इस दौरान मांसाहार, शराब, चना, मसूर की दाल, सिगरेट, लहसुन, प्याज तामसिक भोजन व जमीन में उगने वाली सब्जियां जैसे आलू, अरवी, मुली आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

मान्यता के अनुसार, मरने के बाद कर्मों के आधार पर गतियां मिलती हैं। कोई मनुष्य, देवता, पितृ, प्रेत, हाथी, चींटी, वृक्ष और तृण आदि बन जाता है। वहीं देवताओं और पितरों की योनि ऐसी है कि वो कहीं की कोई बात सुन लेते हैं, पूजा ग्रहण कर लेते हैं और दूर की स्तुतियों से प्रसन्न हो जाते हैं। बता दें, माता पक्ष व पिता पक्ष की तीन पीढ़ियों तक के पूर्वजों के लिए तर्पण किया जाता हैं।