16 मई 2022 सोमवार को साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। सौभाग्य से यह चंद्र ग्रहण भारत मे मान्य नही है। भारत मे ग्रहण को लेकर बहुत विचार करा जाता है। ग्रहण के दौरान कई नियमो का पालन करा जाता है। हमारे भारतीय शास्त्रो मे शराब और मांसाहार को ग्रहण करना दोष माना जाता है। शराब और मांसाहार को राक्षसो का भोजन माना जाता है। मांसाहार के लिए किसी जीव की हत्या करना पड़ती है इसलिए इसे खाना हमारे भारतीय शास्त्रो मे वर्जित माना गया है। ग्रहण के दौरान तो वैसे ही कुछ भी खाना पीना मना होता है ऐसे मे मांसाहार खाना या शराब पीना तो और भी ज्यादा दोषपूर्ण हो सकता है।

ऐसा करने से इंसान पाप का भागीदार बनता है उसके कई जन्म के पूण्य नष्ट हो जाते है। केवल ग्रहण काल मे ही नही बल्कि सूतक काल से ही और ग्रहण की समाप्ति के कुछ देर बाद तक शराब और मांसाहार को नही ग्रहण करना चाहिए। वैसे तो मांसाहार का सेवन कभी भी नही करना चाहिए।

जो लोग इन नियमो की अनदेखी करते है उन्हे भयंकर परिणाम झेलने पड़ते है। ग्रहण के दौरान बिल्कुल सात्विक रहने का नियम है।