हमारे भारतीय समाज मे ग्रहण को लेकर लोगो मे काफी अलग अलग मान्यताएं है। भारत मे ग्रहण को धार्मिक भावनाओ के साथ जोड़ा जाता है। ऐसे मे लोगो के मन मे यह सोच होती है कि अपने बच्चो को ग्रहण के प्रभान से बचाने के लिए क्या करना चाहिए क्योकि ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियाँ बहुत ज्यादा बलवान हो जाती है।

ग्रहण के समय हमें बच्चो को अकेले नही छोड़ना चाहिए खासकर नवजात बच्चो को तो बिल्कुल भी अकेला नही छोडना चाहिए, बच्चो को घर के बाहर नही लेकर जाना चाहिए ना ही बच्चो को घर के बाहर खेलने के लिए भेजना चाहिए।

ग्रहण के दौरान खाना पीना मना होता है लेकिन बीमार व्यकित, बुजुर्ग व्यक्ति, गर्भवती महिला, छोटे बच्चो को फल (जो मोटे खोल वाले होते है जैसे अनार, पपीता आदि) खाने की छूट होती है क्योकि यह सभी लोग ज्यादा देर तक भूखे नही रह सकते है खासकरके छोटे बच्चो को तो भूख पर बिल्कुल भी नियंत्रण नही होता है।

बच्चो को पानी की जगह नारियल पानी दिया जा सकता है क्योकि इसका बाहरी खोल बहुत मोटा होता है तो किसी भी तरहा की नकारात्मक शक्तियों का अंदर के पानी पर कोई असर नही होता है।