हमार सभी हिन्दू देवी देवताओ का एक वाहन प्रमुख है। जिस पर बैठ कर देवी देवता भ्रमण करते है। भगवान शंकर का वाहन है नंदी। नंदी एक बैल के रूप मे है। हमार धर्म मे केवल भगवान शिव की ही नही बल्कि उनकी सवारी नंदी की भी पूजा करी जाती है। नंदी भगवान शंकर के उतने ही प्रिय है जितने की माता पार्वती, गणेश जी और कार्तिकेय जी। जहाँ जहाँ शंकर भगवान होंगे नंदी वहाँ जरूर दिखाई देंगे। नंदी केवल भगवान शिव के वाहन ही नही बल्कि द्वारपाल भी है।

आईए जानते है कैसे भगवान शिव ने नंदी को अपना वाहन स्वीकार करा। नंदी भगवान भोले नाथ के सबसे पसंदीदा गणो मे से एक है। नंदी ऋषि शिलाद के पुत्र है।

नंदी ने भगवान शंकर की घोर तपस्या करी जिससे भगवान शंकर नंदी से प्रसन्न हो गए ओर नंदी को वर माँगने को कहा तो नंदी बोले प्रभु मैं सदा आपके साथ रहना चाहता हूँ। भगवान शंकर ने नंदी की बात को स्वीकार कर लिया और नंदी को बैल का रूप देकर अपना वाहन बना लिया।