बचपन से लेकर अभी तक आपने अक्सर लोगों को गुस्से में या मजाक में ‘भाड़ में जा’ कहते सुना होगा। कई बार आप भी मौका आने पर इसका प्रयोग कर देते होंगें। लेकिन क्या आपने कभी इसके अर्थ को जानना चाहा? बहुत से लोग कहेंगे इसका मतलब तो होता है नरक में जाना या कोई फर्क नहीं पड़ना। लोग गुस्से में भाड़ में जाओ, भाड़ में गई ये नौकरी और चूल्हे में गया तुम्हारा ऑफिस, भाड़ में गया प्यार-व्यार ऐसे वाक्यों का प्रयोग करते हैं। आमतौर पर उत्तर भारत में प्रयोग होने वाले इस वाक्य का असल मतलब हम आपको बता रहे हैं।

आपने वो वाली कहावत सुनी है, ‘अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता’, भाड़ का अर्थ भड़भूजा यानी एक प्रकार की भट्टी जहां रेत पर चना, मूंगफली, लाई या दाल को भूना जाता है। ये इतनी बड़ी होती है की इसमें पूरा इंसान समा सकता है और राख हो सकता है। इस भट्टी में दो तरफ मुंह होता है एक तरफ से आग जलती है और दूसरी तरफ से ईंधन डालने की जगह होती है।

भाड़ में लगातार आग जलती रहती है। अब जानिए भाड़ में जा का अर्थ यानी उस जलती भट्टी में जलकर भस्म हो जा। अगली बार कहने से पहले सोच लीजिए की आप सामने वाले को क्या और किस उद्देश्य से कह रहे हैं। वैसे अगर आप गूगल पर सर्च करेंगे भाड़ में जाओ का मतलब तो यही बताएगा नरक में जाओ जोकि सही नहीं है।