हमारे भारतीय शास्त्रो मे हर वस्तु को सही जगह पर सही दिशा मे रखने का एक नियम बताया गया है जिनकी अनदेखी करने पर आपको परेशानियो का सामना करना पड़ सकता है। इस लेख मे हम आपको जूते चप्पल कहाँ कैसे और किस दिशा मे रखने चाहिए बताने जा रहे है ताकि आपके घर लक्ष्मी की कृपा बरसती रहे और आपको शनि भगवान के प्रकोप का सामना भी ना करना पड़े क्योकि शनिदेव को पैरो का कारक मानते है।

अक्सर कुछ लोगों को घर में जूते-चप्पल इधर-उधर उतारने की आदत होती है। आपकी यही आदत घर में एक माहौल का निर्माण करती है। आपने देखा होगा कि जब आप घर में हर सामान को सही जगह पर रखते हैं तो आपको खुद ही अपने घर में अच्छा-अच्छा सा महसूस होने लगता है। वहीं अगर आप किसी के घर जाएं और हर सामान अस्त-व्यस्त हालत में पाएं तो आपको थोड़ा अजीब सा लगता है। ठीक वैसा ही जूते-चप्पल के साथ भी है। अगर आपको घर पर भी चप्पल पहनने की आदत है तो आप एक काम कर सकते हैं।

आप घर पहनने वाली चप्पल और बाहर पहनने वाली चप्पल को अलग-अलग रखें। घर पहनने वाली चप्पल का इस्तेमाल सिर्फ घर पर करें और बाहर पहनने वाली चप्पल को जूता स्टेंड पर रखें ताकि जब भी आपको बाहर जाना हो आप वहीं से वो चप्पल पहनकर निकल जाएं और जब वापस घर पर आएं तो वहीं पर वापस उस चप्पल को रख दें।

  1. जूते चप्पल हमेशा उत्तर पश्च्मि दिशा या दक्षिण दिशा मे रखने चाहिए।

2. जिस अलमारी मे आप अपने पैसे रखते है उसके निचे कभी भी चप्पल जूते नही रखने चाहिए।

3. बाहर के जूते चप्पल कभी भी घर के अंदर नही लाने चाहिए।

4. जूते चप्पलो की अलमारी हमेशा मुख्य द्वार बाहर 2-3 फीट की दूरी पर होनी चाहिए साथ ही अलमारी ऐसी होनी चाहिए जिससे जूते चप्पल बाहर से ना दिखे।

5. शनिवार के दिन जूते चप्पलो का दान देने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

6. पुराने जूते चप्पलो को फेंके नही बल्कि उन्हे दान कर दें।

7. जूते चप्पल कभी भी उलटे या एक के उपर एक नही रखने चाहिए।

8. पूजा घर, शयन कक्ष और रसोई मे कभी भी जूते चप्पलो की अलमारी नही रखनी चाहिए।