एक कहावत है, ‘तोल मोल के बोल’ यानी कि हमें कुछ भी कहने से पहले सोच समझकर बोलना चाहिए। कई बार जाने-अनजाने में हम अपने शब्दों से किसी को चोट पहुंचा देते हैं लेकिन बात तब गंभीर हो जाती है, जब हम किसी खास रिश्ते में अपने शब्दों से अपने पार्टनर को हर्ट कर दें। अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह छोटे-छोटे वर्ड्स बड़ा असर कर सकते हैं। किसी क्लोज रिलेशन में भूलकर भी फाइन, ओके, गुड जैसे शब्द नहीं प्रयोग करने चाहिए। 

किसी भी रिलेशन में हेल्दी टॉक का होना जरूरी माना जाता है। आई एम फाइन, गुड, ओके फाइन, ये सब शब्द नेगेटिव टर्म में आते हैं, क्योंकि इसको बोलने के बाद आपके पार्टनर के पास आगे कुछ कहने के लिए नहीं रह जाता। एक दो बार इग्नोर करने के बाद भी अगर आपका ये बोलना नहीं छूटता तो ऐसे में खटास जैसी स्तिथि आ सकती हैं।

कई बार हम नाराजगी या गुस्सा जताने के लिए ‘सब ठीक है’, ‘मैं ठीक हूँ’, ‘नहीं, कोई बात नहीं’ ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। फिर बाद में यही हमारी आदत बन जाती है। कुछ एक-आद बार तो इसे नजर अंदाज किया जा सकता है, लेकिन बार बार ऐसा कहना रिश्ते को खत्म होने की तरफ ले जा सकता है। आपको नाराजगी या गुस्सा अपने पार्टनर से बता देना चाहिए जिससे की फ्यूचर में पार्टनर उन बातों का ध्यान रखे।