Astro tips: ज्योतिष शास्त्र में रत्नों को खास महत्व दिया गया है जीने ग्रहों की अशुभ स्थिति में नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रत्नों को बदलने की भी डेट होती है। जी हां मनुष्य की समस्याओं के समाधान कर के लिए उपयोग किया जाने वाला रत्ना को भी बदला जाता है। ‌

ज्योतिष शास्त्र के जैसे ही रत्न शास्त्र भी होता है जिसमें रत्नों के बारे में सभी चीजें बताई गई हैं। ‌ इसके मुताबिक अगर कोई भी रत्न पहने पहने चटक जाता है या रत्न का रंग हल्का होने लगता है तो इन संकेतों से की वह रत्न असली नहीं बल्कि नकली है। वहीं यदि कुंडली के अशुभ ग्रह ग्रहों का असर यह रखना अपने अंदर ले लेते हैं तब भी इनका रंग हल्का हो जाता है और यह चटक जाते हैं।‌

रचना शास्त्र के हिसाब से सफेद मोती की उम्र ढाई साल बताई गई है माणिक्य की उम्र 4 साल होती है और बाकी 3 साल बताई जाती है इसके बाद पन्ना को 4 साल 7 साल गोमेद इंसान लहसुनिया 3 साल और नीलम की उम्र होती है 5 साल। ‌ उम्र सीमा पूरी हो जाती है तो अपने रत्नों को बदल देना चाहिए नहीं तो नकारात्मक प्रभाव आपके कुंडली के शुभ ग्रहों पर भी पड़ने लगता है।