भारतीय घरों में आपने निश्चित रूप से देखा होगा कि बच्चों को गहने और काले धागा या काली मोती वाला कड़ा जरूर पहनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं आखिर ऐसा क्यों किया जाता है? इसके पीछे भी कई कारण छिपे हुए हैं। आइए जानते हैं खास वजह-

भारत में, शिशुओं को कमर में पहने जाने वाले कंगन, पायल, गले की चेन जैसे कई गहनों से सजाया जाता है। भारत में आम प्रकार के ब्रेसलेट जरूर पहनया जाता है, जिसमें काले मोतियों की माला होती है। माना जाता है कि ये कंगन बुरी आत्माओं को दूर रखने के लिए या बुरी नज़र से बचाता है। ये कंगन इसके साथ उनके माथे पर घर के बने काजल से काला टीका भी लगाया जाता है।

हमारे यहां बच्चों को कंगन या पायल पहनाने की परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। जब बच्चों को काले धागे या गोले से बना कंगन पहनाया जाता था। इसका मुख्य कारण बच्चे से बुरी आत्माओं को दूर रखना होता था। भारत में हिंदू धर्म यह भी मानता है कि इस तरह के कंगन पहनने से बच्चे में दैवीय और सकारात्मक ऊर्जा संचार बढ़ता है नकारात्मक ऊर्जा बच्चे से दूर रहती है।