हमारे भारत मे जब बच्चा जन्म लेता है तो शास्त्रानुसार उसकी कुंडली बनवाई जाती है जो कि पंड़ित बनाता है। कुंडली से बच्चे के जन्म नक्षत्र के बारे मे पता चलता है। भारतीय शास्त्रो मे कुल सत्ताईस नक्षत्र होते है और तीन गण होते है। इस 27 नक्षत्रो को तीन गणो मे बांटा जाता है। वह तीन गण है- देव गण, मानव गण और राक्षस गण।  तीनो गणो मे जन्मे जातक का स्वभाव, रूचि, सोच, व्यक्तिव सब कुछ अलग होता है। यहाँ हम बता रहे है राक्षस गण मे जन्म जातक की। जो लोग राक्षस गण मे जन्म लेते है उन्हे कुछ अदृश्य शक्तियो को होने का अहसास होता है।

क्या होती है अदृश्य शक्तियाँ-  शास्त्रो मे कहा जाता है कि जिन लोगो की किसी भी कारण मृत्यु हो जाती है और मौत के बाद उन्हे मोक्ष नही मिल पाता उन लोगो की आत्मा धरती पर रहती है। ऐसी ही आत्माओं को अदृश्य शक्ति कहते है।

इंग्लिश मे अदृश्य शक्तियो को पेरानार्मल एक्टिविटी कहते है। राक्षस गण मे जन्मे लोगो को इन पेरानार्मल एक्टिविटी का अहसास होता है। ऐसा माना जाता है कि राक्षस गण मे जन्मे लोग को अदृश्य शक्तियो के अपने पास होने का अहसास हो जाता है।